नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार 3 फरवरी 2025 को शाम 5 बजे से समाप्त हो जाएगा। चुनावी प्रचार के आखिरी दिन सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने 25 साल बाद राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता हासिल करने की अपनी कोशिशों को और तेज करते हुए दिल्ली भर में 22 रोड शो और रैलियों का आयोजन किया है। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) अपनी मुफ्त कल्याणकारी योजनाओं के मॉडल पर भरोसा करते हुए तीसरी बार सत्ता में आने के लिए आश्वस्त है।
कांग्रेस का 15 साल बाद दिल्ली में वापसी का प्रयास
दिल्ली में 2013 तक 15 साल तक सत्ता में रही कांग्रेस पिछले दो चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी, इस बार वह अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने इस चुनाव में खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार पोस्टरों और रोड शो का सहारा लिया है।
आचार संहिता के तहत प्रचार पर रोक
निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदान से 48 घंटे पहले यानी 3 फरवरी शाम 5 बजे के बाद सभी चुनावी प्रचार और जनसभाओं पर प्रतिबंध लग जाएगा। आयोग के आदेश के अनुसार, सिनेमा, टीवी और प्रिंट मीडिया के माध्यम से भी चुनाव प्रचार पर रोक होगी। इस दौरान राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। जहां ‘आप’ ने भाजपा को ‘भारतीय झूठ पार्टी’ और ‘गाली गलौज पार्टी’ करार दिया, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आप’ को ‘आप-दा’ और अरविंद केजरीवाल को ‘घोषणा मंत्री’ कहकर पलटवार किया।
कांग्रेस की चुनावी बयानबाजी
कांग्रेस ने भी अपनी चुनावी रणनीति में उग्र बयानबाजी को अपनाया। कांग्रेस ने केजरीवाल को ‘फर्जी’ और मोदी को ‘छोटा रिचार्ज’ जैसे शब्दों से निशाना बनाया। इस बार दिल्ली के चुनावी माहौल में एआई से तैयार मीम्स और डिजिटल अभियानों ने प्रमुख भूमिका निभाई है।
मतदान केंद्रों और सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आंकड़ों के मुताबिक, 5 फरवरी को 13,766 मतदान केंद्रों पर 1.56 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे। इनमें से 83.76 लाख पुरुष, 72.36 लाख महिलाएं और 1,267 ‘थर्ड जेंडर’ के मतदाता हैं। दिव्यांगजनों के लिए 733 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा, मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए ‘क्यू मैनेजमेंट सिस्टम’ ऐप का भी इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे मतदाता मतदान केंद्रों पर वास्तविक समय में लोगों की संख्या जान सकेंगे।
सुरक्षा बलों का तैनाती
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए 220 कंपनियों की अर्द्धसैनिक बल, 19,000 होमगार्ड और 35,626 दिल्ली पुलिस के जवान तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा, 21,584 बैलेट यूनिट्स, 20,692 कंट्रोल यूनिट्स और 18,943 वीवीपैट (वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) तैयार किए गए हैं।